श्योपुर, मध्य प्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भारत के वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक अहम अध्याय जुड़ा। नामीबिया से लाए गए 8 चीते मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें विशेष बाड़ों में छोड़ा।
करीब सात दशक बाद भारत की धरती पर चीतों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। चीतों को विशेष विमान के जरिए नामीबिया से भारत लाया गया और ग्वालियर पहुंचने के बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से कूनो नेशनल पार्क ले जाया गया।
इन 8 चीतों के भारत आने के साथ ही देश में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत चीता पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इस पहल का उद्देश्य भारत में चीता आबादी को फिर से स्थापित करना और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना था।
प्रधानमंत्री ने चीतों को भारत का मेहमान बताते हुए देशवासियों से उन्हें समय देने और उनके अनुकूलन की प्रक्रिया को धैर्यपूर्वक देखने की अपील की। कूनो नेशनल पार्क में चीतों के लिए विशेष व्यवस्थाएं और निगरानी की गई।
चीतों की वापसी से मध्य प्रदेश के कूनो क्षेत्र में पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई गई।
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